सफलता का आनंद उठायें / Enjoy the success तीन बिन्दुओं पर बात करता हूँ । पहला “ सफलता के कदम का बोध” , दूसरा “ संतुष्टि की वास्तविक अनुभूति” और तीसरा बिन्दु है “ खुश रहने की कला ’ । उक्त तीनों को क्रम से समझना- सीखना होगा। Let me talk about three points. The first is “realization of the steps to success”, the second is “actual feeling of satisfaction” and the third point is “the art of being happy”. The above three will have to be understood and learned in sequence. 1. सफलता के कदम का बोध / Understanding the steps to success - असफलता के भय से मुक्ति ही सफलता के कदम का बोध है । यदि कोई अपनी मंजिल प्राप्त कर ले और फिर भी यह सोच के भयभीत हो कि पता नहीं आगे क्या होगा । आने वाले कल के लिए वह सजग होने के बजाय डरा और अनिश्चित दिखे । यह ठीक नहीं । असफल होने का चिन्ह , फेल की “ मोहर ” को सिरे से नकारें । ये मूल्यांकन और मापदंड मानव निर्मित है और प्रतिभागियों की संख्या तथा अन्य परिस्थितियों के अनुसार रचित है । इसकी मान्यता का दायरा है । इसलिए यह भय...